“मकान में चल रहा था खौफनाक खेल: पशुओं की चर्बी से बन रहा नकली घी का काला कारोबार”
कारखाने पर छापा: चर्बी से बना नकली घी, हड्डियां और खाल का जखीरा
खंडवा/चर्चा न्यूज़ विशेष
(संपादक सुशील विधाणी )
खंडवा। शहर के इमलीपुरा क्षेत्र में बेगम पार्क से सटे घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में एक घर के भीतर अवैध रूप से कारखाना संचालित कर किए जा रहे खौफनाक कारोबार का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी द्वारा मकान को ही कारखाने में तब्दील कर दिया गया था, जहां कथित रूप से जानवरों को काटकर उनकी चर्बी से नकली घी तैयार किया जा रहा था।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो घर के अंदर का दृश्य बेहद चौंकाने वाला था। कमरों में बड़े-बड़े भगोनों में चर्बी गलाने की व्यवस्था, डिब्बों में भरा घी जैसा पदार्थ, चारों तरफ फैली हड्डियां, खाल और पशुओं के अवशेष इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि यह मकान लंबे समय से अवैध कारखाने के रूप में उपयोग किया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार,
मौके से लगभग 70 डिब्बों में भरी चर्बी, दो ट्रालियों में जानवरों के अवशेष और दो ट्रक भरकर पशुओं की खाल बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस चर्बी को प्रोसेस कर बाजार में घी के रूप में सप्लाई किया जा रहा था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।
यह पूरी कार्रवाई मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई, जिसमें बताया गया था कि एक घर के भीतर अवैध रूप से जानवरों का वध कर उनकी चर्बी से घी जैसा पदार्थ बनाया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने पर सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी और इस पूरे अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही खंडवा विधायक कंचन मुकेश तन्वे, भाजपा जिला मंत्री धर्मेंद्र बजाज, पूर्व जिला अध्यक्ष हरीश कोठवाले सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। सभी ने स्थिति का जायजा लिया और इस तरह के कृत्य को अत्यंत निंदनीय बताते हुए प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह मामला केवल अवैध कारोबार का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर तत्काल और कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मौके से बरामद सामग्री जब्त कर ली गई है और सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। नगर निगम की टीम अवशेषों के सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया में जुटी हुई है। यह भी जांच की जा रही है कि यह नकली घी किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा था और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
गौरतलब है कि इस तरह का मामला खंडवा में पूर्व में भी सामने आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद इस प्रकार की गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक नहीं लग पाई है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
क्या बोले सिटी मजिस्ट्रेट
खंडवा सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई थी कि संबंधित मकान में जानवरों को काटा जा रहा है और उनकी चर्बी गलाकर उपयोग में लाई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में तीव्र दुर्गंध फैल रही थी और वातावरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन गया था।
उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर आज सुबह नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जहां घर के भीतर संचालित अवैध कारखाना उजागर हुआ। फिलहाल मौके पर कार्रवाई जारी है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।