राखी पर लाडले कलेक्टर भाई को बहनों का अनोखा शगुन

सिर पर कच्ची शराब के डिब्बे लेकर जनसुनवाई पहुंचीं महिलाएं, अगले ही दिन आबकारी का बड़ा एक्शन
100 लीटर कच्ची शराब और 800 किलो महुआ लहान जब्त, 9 प्रकरण दर्ज; कलेक्टर बोले—पुलिस अधीक्षक और आबकारी विभाग को कठोर कार्रवाई के निर्देश
खंडवा चर्चा न्यूज़ विशेष…
खंडवा पंधाना, कालंका, टाकलखेड़ा सहित आसपास के गांवों में कथित अवैध कच्ची शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं द्वारा उठाई गई आवाज अब आबकारी विभाग की कार्रवाई तक पहुंच गई है। मंगलवार को महिलाएं सिर पर कच्ची शराब के डिब्बे लेकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचीं और प्रशासन से गांवों में खुलेआम बिक रही कथित अवैध शराब पर रोक लगाने की मांग की थी।
महिलाओं ने रक्षाबंधन के मौके पर कच्ची शराब के डिब्बों को ‘लाडले भाई कलेक्टर साहब’ के लिए तोहफा बताते हुए अपनी पीड़ा प्रशासन के सामने रखी।
जनसुनवाई में एक महिला ने कहा कि रक्षाबंधन पर कलेक्टर साहब को भाई मानते हुए उनकी ओर से कच्ची शराब के चार डिब्बे दिए जा रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई केवल नाम मात्र की जाती है, जिसके कारण गांवों में अवैध शराब का कारोबार जारी है। महिलाओं का आरोप था कि गांवों में खुलेआम बिक रही कच्ची शराब से परिवार बर्बादी की ओर बढ़ रहे हैं और इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं एवं बच्चों पर पड़ रहा है। महिला ममता मोरे ने बताया था कि महिलाओं ने गांव में एक समिति बनाई है, जो लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही है। महिलाओं का कहना था कि वे केवल जागरूकता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अवैध शराब पकड़कर पुलिस को सौंपने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी कर रही हैं।
शिकायत के बाद अपर कलेक्टर का आश्वासन, आबकारी ने दी दबिश
जनसुनवाई में महिलाओं की शिकायत के बाद अपर कलेक्टर के. आर. बड़ोले ने पुलिस और आबकारी विभाग के माध्यम से संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई कराने की बात कही थी। इसके बाद आबकारी विभाग की टीम ने पंधाना क्षेत्र के ग्राम खिड़गांव, पिपलोदखास और कोठाघाट में दबिश देकर करीब 100 लीटर हाथभट्टी कच्ची मदिरा और 800 किलोग्राम महुआ लहान जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत 9 प्रकरण दर्ज किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 95 हजार रुपये बताई गई है।
दो माह से अभियान, फिर जनसुनवाई के बाद क्यों तेज हुई कार्रवाई?
कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देशन में आबकारी विभाग द्वारा पिछले दो माह से अवैध हाथभट्टी कच्ची शराब के विक्रय, संग्रहण एवं परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है। विभाग का कहना है कि मुखबिर सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसके बावजूद सवाल यह है कि यदि अभियान लगातार चल रहा था तो जिन क्षेत्रों में महिलाएं अवैध शराब की बिक्री का आरोप लगा रही हैं, वहां समस्या को लेकर महिलाओं को आखिर जनसुनवाई में कच्ची शराब के डिब्बे लेकर पहुंचने की जरूरत क्यों पड़ी? जनसुनवाई में आने वाले मामलों पर कार्रवाई होना जरूरी है, लेकिन असली सफलता तब होगी जब शिकायत के बाद होने वाली कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी गतिविधियों पर पहले से प्रभावी निगरानी भी हो।
शराब जब्त और प्रकरण दर्ज, लेकिन स्थायी समाधान की चुनौती
आबकारी विभाग की कार्रवाई से फिलहाल बड़ी मात्रा में कच्ची शराब और महुआ लहान जब्त हुआ है तथा 9 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। लेकिन महिलाओं की शिकायत का स्थायी समाधान तभी माना जाएगा, जब गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगे।
सवाल सिर्फ शराब जब्त करने का नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को रोकने का है जिसके कारण गांवों तक कच्ची शराब पहुंचने की शिकायतें सामने आती हैं। यदि कार्रवाई के कुछ समय बाद वही गतिविधियां फिर शुरू होती हैं तो महज जब्ती और प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कलेक्टर ऋषभ गुप्ता बोले—महिलाओं की समस्या सुनी, कठोर कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं की समस्या सुनी गई है और मामले की जानकारी ली गई है। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब के मामले में खंडवा पुलिस अधीक्षक एवं आबकारी विभाग को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जनसुनवाई में महिलाओं द्वारा उठाई गई आवाज के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई कितनी दूर तक जाती है और क्या पंधाना क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में अवैध कच्ची शराब की बिक्री पर स्थायी रूप से अंकुश लग पाता है।
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