विशेष उल्लेख: आज प्रस्तुत यह लेखन पूर्णतः विज्ञापन एवं शुभकामना संदेशों की दृष्टि से तैयार किया गया है। यह गणतंत्र दिवस एवं जन्मदिन जैसे शुभ अवसरों पर प्रकाशित किए जाने वाले बधाई संदेशों का... Read more
आश्रय नहीं, आय का ज़रिया: वृद्धाश्रम के नाम पर होटल संस्कृति चर्चा: भोपाल में बने शासन के वृद्धाश्रमों में होटल जैसी सुविधाएँ, सेवा और शुल्क व्यवस्था पर उठते सवाल वृद्धजनों के लिए सहारा और स... Read more
‘यह खंडवा है जनाब लाइनें सुशील विधाणी’… यह खंडवा है जनाब, यहाँ मान–सम्मान किसी डिग्री से नहीं, डिग्री के साथ लगी रकम से तय होता है। यहाँ सम्मान मंच पर नहीं, परदे के पीछे की... Read more
खंडवा की राजनीति में कुछ चेहरे ऐसे हैं, जिनके आरोप चुनाव हारने के बाद और तेज़ हो जाते हैं। लेकिन समस्या यह है कि हर आरोप अदालत की चौखट पर पहुंचते-पहुंचते कागज़ों में दम तोड़ देता है। कुंदन म... Read more
नई पीढ़ी के मन में जब विचारों की लौ जगी, विभाग प्रचारक माननीय विजेंद्र जी गोठी की वाणी से दिशा मिली। “भाई साहब के बल” को स्टेटस बनाकर गर्व जताया, शब्द नहीं, संकल्प बनाकर युवाओं ने जीवन में उ... Read more
झूठी सीएम हेल्पलाइन मॉडल प्रेस वही, तरीका नया — सोशल मीडिया से सिस्टम पर दबाव चर्चा न्यूज़ | संपादक सुशील विधाणी खंडवा में सोशल मीडिया के विस्तार के साथ एक नया वर्ग उभरकर सामने आया है... Read more
चर्चा न्यूज़ विशेष सुशील विधाणी खंडवा में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई अब कानून से ज़्यादा एक औपचारिक रस्म बनती जा रही है। हर बार कुछ पेटियां, कुछ चेहरे और बड़ी-बड़ी बातें—पर न नशा रुकता है,... Read more
खंडवा में प्रोटोकॉल कागज़ों तक सीमित या अफसरशाही का अहंकार हावी? ‘सवा शेर’ की भावना या जानबूझकर अपमान—पिंकी वानखेड़े बनाम CEO निकिता मंडलोई जहाँ मंच पर कुर्सियों का क्रम तय होता है, वहाँ लोक... Read more
खंडवा चर्चा न्यूज़ विशेष “जल महोत्सव शुरू… प्रचार नहीं, प्रसारण शून्य!” नववर्ष से पहले आयोजन ‘कंप्लीट’ करने की हड़बड़ी में खबर ही अधूरी रह गई खंडवा | हनुवंतिया में जल महोत्सव का शुभार... Read more
नेताओं पर बने प्रकरणों की हो रही क्लोजिंग ईयर क्लोजिंग में कानून भी अलर्ट चालान के साथ राजनीति की फाइलें भी खुलीं, कोतवाली टीआई की नजर में सब “कैद” ... Read more





