चर्चा में : “टिक्कड़” केंटीन में सिलेंडरों का जखीरा, नियमों पर भी चढ़ी थी तेज आंच

खंडवा में सिविल लाइन्स क्षेत्र स्थित “टिक्कड़” केंटीन पर प्रशासन की छापामार कार्रवाई के बाद यह मामला शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आम तौर पर जहां होटल-रेस्टोरेंट में सीमित संख्या में वैध कनेक्शन के आधार पर गैस सिलेंडर रखे जाते हैं, वहीं यहां बड़ी संख्या में सिलेंडरों का भंडारण मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई में परिसर से कुल 27 एलपीजी सिलेंडर बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए। इनमें भरे और खाली दोनों प्रकार के सिलेंडर शामिल हैं। जांच में सामने आया कि प्रस्तुत कनेक्शन दस्तावेजों से इन सिलेंडरों का कोई वैध संबंध नहीं पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने सिलेंडरों को जब्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में जब घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और उपयोग पर शासन विशेष निगरानी रख रहा है, तब इस तरह बड़ी मात्रा में सिलेंडर रखना न केवल नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है बल्कि कालाबाजारी और अनियमित वितरण की आशंका को भी जन्म देता है। यही कारण है कि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है।
शहर में चर्चा इस बात की भी है कि यदि एक केंटीन में इतनी बड़ी मात्रा में सिलेंडर बिना वैध दस्तावेजों के पाए जा सकते हैं, तो अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक वस्तु की जमाखोरी आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गैस एजेंसियों से लेकर बड़े होटल-ढाबों तक के कनेक्शन और उपयोग की जांच की जा सकती है, ताकि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
फिलहाल “टिक्कड़” केंटीन का मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने सिलेंडर वहां पहुंचे कैसे और किस उद्देश्य से रखे गए थे। आने वाले दिनों में जांच के बाद इस पूरे मामले की और परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।















