कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई – पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे से चार्ज वापस, डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले को सौंपा प्रभार

खंडवा।चर्चा न्यूज़
जिले में जाति प्रमाण पत्र के लगभग 1400 आवेदनों को निरस्त किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लगातार सामने आ रही शिकायतों और आवेदकों की नाराजगी के बीच कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे से उनका चार्ज वापस ले लिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार पंधाना एसडीएम कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र से जुड़े बड़ी संख्या में आवेदनों को निरस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में असंतोष की स्थिति बन गई थी। बताया जा रहा है कि करीब 1400 आवेदनों को निरस्त किए जाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदकों ने प्रशासन तक शिकायतें पहुंचाईं। मामले के लगातार चर्चा में आने और शिकायतों की समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
इसी बीच बुधवार को कलेक्टर कार्यालय से जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार कार्य विभाजन में आंशिक संशोधन करते हुए डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को कलेक्टर कार्यालय में विभिन्न शाखाओं का दायित्व सौंपा गया है। वहीं पंधाना एसडीएम का चार्ज अब डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले को दिया गया है, ताकि क्षेत्र में प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों और व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
कलेक्टर कार्यालय में मिली कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
जारी आदेश के अनुसार डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को कलेक्टर कार्यालय में निर्वाचन शाखा सहित कई महत्वपूर्ण शाखाओं का दायित्व सौंपा गया है। इनमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य भारत निर्वाचन आयोग), स्थानीय निर्वाचन, निर्वाचन संबंधी अन्य कार्य, वरिष्ठ लिपिक शाखा, मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े कार्य, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, समाधान एक दिन, देवस्थान एवं धर्मस्व शाखा, सूचना का अधिकार शाखा, लोकसभा-राज्यसभा-विधानसभा प्रश्नों के उत्तर संबंधी समन्वय, मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान कार्यक्रम समन्वय, राजस्व प्रशिक्षण, राहत शाखा, आपदा प्रबंधन समन्वय सहित अन्य प्रशासनिक दायित्व शामिल हैं।
प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र आवेदनों से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया गया है और अब पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। नए प्रभार के बाद पंधाना क्षेत्र में प्रमाण पत्र संबंधी आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदनों के मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


क्या है पूरा मामला ?
खंडवा जिले में जांच के दौरान लगभग 1400 जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ गया है और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
■ एसडीएम को हटाने पर उठे सवाल
मामले के बीच पंधाना के एसडीएम को कलेक्टर द्वारा हटाने की कार्रवाई भी चर्चा में है। इसे लेकर विभिन्न पक्षों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
■ राजनीतिक दबाव की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक से जुड़े कुछ लोगों द्वारा शिकायतें और दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई होने की चर्चा है।
■ कब्जाधारियों की भूमिका पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि जिन लोगों के हित प्रभावित हुए, उनसे जुड़े कब्जाधारी पक्षों की शिकायतों के बाद मामला और गरमा गया है।
■ प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
हालांकि पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे अटकलों का दौर जारी है।
चल रही है चर्चा………















