जावर उद्वहन सिंचाई योजना पर फिर गरमाया मुद्दा
युवा नेता ने इंजीनियर को घेरा, कहा— “हमारी उम्मीदों का सपना भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने देंगे”
जावर उद्वहन योजना: करोड़ों पानी में बह गए या भैंस टंटेला खा गई?
(चर्चा न्यूज़ विशेष)
खंडवा विकासखंड की बहुचर्चित जावर उद्वहन सिंचाई योजना को लेकर अब आंदोलन और तीखा होता जा रहा है। किसानों के साथ मौके पर पहुंचे कांग्रेस युवा नेता चंदनसिंह राजपूत ने विभागीय इंजीनियर को सीधे सवालों के घेरे में लेते हुए कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।
मौके पर हुई चर्चा के दौरान तीन प्रमुख बिंदुओं पर तीखी लेकिन स्पष्ट आपत्तियां सामने आईं—
“यह वीडियो केवल दृश्य नहीं, किसानों की उम्मीदों का सपना है; इसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने नहीं दिया जाएगा।”
युवा नेता ने कहा कि जिस योजना को किसानों की समृद्धि का आधार बताया गया था, वही आज लापरवाही और अनियमितताओं के कारण सवालों के घेरे में है।
“जहां पाइप एक मीटर गहराई तक डाली जानी थी, वहां एक फीट भी नीचे नहीं गई; और जहां तकनीकी रूप से जॉइंट आवश्यक थे, वहां जोड़ तक नहीं किए गए— यह गंभीर अनियमितता है।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
“यदि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए— क्या यह काम बिना किसी लाभ के किया गया है, या फिर ठेकेदार पर कार्रवाई होगी?”
उन्होंने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि विभाग स्वयं सुधारात्मक कार्रवाई नहीं करेगा तो किसान संगठित होकर दोषी ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कदम की मांग करेंगे।

इस पर विभागीय इंजीनियर ने आश्वासन देते हुए कहा, “यह मेरा वचन है कि आपके वीडियो का सपना खराब नहीं होने दूंगा। जहां भी त्रुटि है, उसे सुधारा जाएगा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।”
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन सांसद नंदकुमार सिंह चौहान एवं विधायक देवेंद्र वर्मा द्वारा प्रारंभ की गई इस योजना की लागत अब बढ़कर 466.91 करोड़ रुपये हो चुकी है, जबकि किसानों का आरोप है कि अपेक्षित लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।
पूरा मामला नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधीन होने के कारण अब प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग और तेज हो गई है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता सुधार और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
“चल रही है चर्चा क्या भ्रष्टाचार चढ़ी उदवंत सिंचाई योजना पर अब कुछ कार्रवाई होती दिखेगी की भैंस टंटेला खा गई “।
चल रही है चर्चा……















