खंडवा की राजनीति में कुछ चेहरे ऐसे हैं, जिनके आरोप चुनाव हारने के बाद और तेज़ हो जाते हैं। लेकिन समस्या यह है कि हर आरोप अदालत की चौखट पर पहुंचते-पहुंचते कागज़ों में दम तोड़ देता है। कुंदन म... Read more
नई पीढ़ी के मन में जब विचारों की लौ जगी, विभाग प्रचारक माननीय विजेंद्र जी गोठी की वाणी से दिशा मिली। “भाई साहब के बल” को स्टेटस बनाकर गर्व जताया, शब्द नहीं, संकल्प बनाकर युवाओं ने जीवन में उ... Read more
झूठी सीएम हेल्पलाइन मॉडल प्रेस वही, तरीका नया — सोशल मीडिया से सिस्टम पर दबाव चर्चा न्यूज़ | संपादक सुशील विधाणी खंडवा में सोशल मीडिया के विस्तार के साथ एक नया वर्ग उभरकर सामने आया है... Read more
चर्चा न्यूज़ विशेष सुशील विधाणी खंडवा में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई अब कानून से ज़्यादा एक औपचारिक रस्म बनती जा रही है। हर बार कुछ पेटियां, कुछ चेहरे और बड़ी-बड़ी बातें—पर न नशा रुकता है,... Read more
“सीएम हेल्पलाइन का ताला, आठ दिन का तमाशा!” “यह खंडवा है—जहाँ झूठ की बुनियाद पर ‘नंबर वन’ की इमारत खड़ी की जाती है, और देश में जिले काग़ज़ों पर ‘नंबर वन’ बनते हैं, ज़मीनी सच आज भी कतार में खड... Read more
खंडवा में प्रोटोकॉल कागज़ों तक सीमित या अफसरशाही का अहंकार हावी? ‘सवा शेर’ की भावना या जानबूझकर अपमान—पिंकी वानखेड़े बनाम CEO निकिता मंडलोई जहाँ मंच पर कुर्सियों का क्रम तय होता है, वहाँ लोक... Read more
खंडवा चर्चा न्यूज़ विशेष “जल महोत्सव शुरू… प्रचार नहीं, प्रसारण शून्य!” नववर्ष से पहले आयोजन ‘कंप्लीट’ करने की हड़बड़ी में खबर ही अधूरी रह गई खंडवा | हनुवंतिया में जल महोत्सव का शुभार... Read more
नेताओं पर बने प्रकरणों की हो रही क्लोजिंग ईयर क्लोजिंग में कानून भी अलर्ट चालान के साथ राजनीति की फाइलें भी खुलीं, कोतवाली टीआई की नजर में सब “कैद” ... Read more
कार्रवाई काबिल-ए-तारीफ़ है, पर सवाल सीधा है— क्या यह सुरक्षा की चिंता है या साल बंद करने की जल्दबाज़ी? दो दिन में वर्षों की समस्या सुलझ गई, अब देखना यह है कि यह सक्रियता जनवरी तक जिएगी या दि... Read more
“रिचार्ज खत्म, पत्रकार भी ऑफलाइन!” “अब पत्रकारिता भी मंथली प्लान पर – 28 दिन वैलिडिटी, अनलिमिटेड पोस्टिंग” चर्चा न्यूज़ विशेष सुशील विधाणी नई टेक्नोलॉजी के दौर में पत्रकारिता ने भी करवट बदली... Read more





