मानव सेवा को मिला सम्मान: कांताबेन के देहदान पर गार्ड ऑफ ऑनर, समाज में बनी प्रेरक मिसाल

लायंस क्लब के सहयोग से 23वां देहदान मेडिकल कॉलेज को समर्पित, 522वां नेत्रदान भी सम्पन्न
खंडवा।
मानवता और समाज सेवा की भावना को सम्मान उस समय मिला, जब खंडवा की स्व. श्रीमती कांताबेन पटेल के देहदान के संकल्प को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप परिजनों की सहमति से लायंस नेत्रदान, देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति के सहयोग से नेत्रदान के बाद पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज खंडवा को समर्पित की गई। इस सम्मानजनक विदाई ने समाज में देहदान के महत्व को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है।
समिति के संयोजक नारायण बाहेती एवं समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि स्व. कांताबेन पटेल (85) के पुत्र किरण भाई पटेल और गौतम भाई पटेल सहित परिवारजनों ने सेवा भावना के साथ यह निर्णय लेते हुए देहदान की प्रक्रिया को पूर्ण कराया। समिति के सक्रिय सहयोग से यह अभियान की 23वीं देहदान कड़ी बनी, वहीं नेत्रदान का आंकड़ा भी 522 तक पहुंच गया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav द्वारा देहदान को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से की गई घोषणा के तहत मेडिकल कॉलेज को आधिकारिक रूप से देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया जाता है। इसी क्रम में जूनी इंदौर लाइन स्थित निवास पर पुलिस विभाग की टुकड़ी ने सम्मानपूर्वक सलामी देकर मानव सेवा के इस कार्य को नमन किया।

इसके बाद अंतिम यात्रा मेडिकल कॉलेज खंडवा के लिए रवाना हुई, जहां चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों और समाजसेवियों ने पुष्पमालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है और ऐसे निर्णय समाज में सेवा, संवेदना और जागरूकता का संदेश देते हैं।

कार्यक्रम में लायंस क्लब खंडवा, सक्षम संस्था, महर्षि दधीचि देहदान समिति एवं लियो क्लब के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन, पुलिस विभाग, मेडिकल कॉलेज प्रशासन तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कांताबेन के देहदान और सम्मानजनक विदाई की यह घटना शहर में सकारात्मक चर्चा का विषय बनी हुई है। समाज के विभिन्न वर्गों में इसे मानव सेवा और जागरूकता की प्रेरक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है और लोग देहदान-नेत्रदान जैसे महादान के महत्व पर चर्चा कर रहे















