“एक पल की चाह में, तस्वीर बन जाए पहचान,
पर वही पल छीन ले, पूरी ज़िंदगी की उड़ान।”
खंडवा | चर्चा न्यूज़
सोशल मीडिया और सुरक्षा की हकीकत
रील के शौक में रेल पर चढ़ा नाबालिग, करंट से झुलसा
सोशल मीडिया आज लोगों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह मंच जहां अभिव्यक्ति और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, वहीं इसके बढ़ते प्रभाव के साथ जोखिम भी सामने आ रहे हैं। खासकर रील और शॉर्ट वीडियो बनाने की होड़ में कई बार सावधानी और सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिसका खामियाजा गंभीर हादसों के रूप में भुगतना पड़ता है।
मध्य प्रदेश के खंडवा से सामने आया मामला इसी सच्चाई को उजागर करता है। खरगोन निवासी 16 वर्षीय नाबालिग छोटकू शादी समारोह में शामिल होने के लिए खंडवा आया था। बारात घासपुरा क्षेत्र के बांग्लादेश मोहल्ले में आयोजित थी। कार्यक्रम के बाद वह पास ही स्थित रेलवे मालगोदाम की ओर चला गया, जहां एक मालगाड़ी खड़ी थी।
बताया जा रहा है कि छोटकू को रील बनाने का शौक था। मालगाड़ी को देखकर उसने वीडियो बनाने के उद्देश्य से उस पर चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से उसे तेज करंट लग गया। करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मालगाड़ी से नीचे गिर पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए इंदौर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल आईसीयू की सुविधा नहीं होने के कारण उसे एमवाय अस्पताल इंदौर भेजा गया।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल के अनुसार, नाबालिग के शरीर में अंदरूनी चोटें भी आई हैं और बेहतर उपचार के लिए सर्जिकल आईसीयू की आवश्यकता थी। वहीं, आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त हुई है और मामले की जांच सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ जागरूकता और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है। रील और वीडियो बनाना समय की जरूरत हो सकती है, लेकिन सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जा सकता। एक छोटी सी लापरवाही न सिर्फ एक व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को संकट में डाल सकती है।
















