चर्चा न्यूज़ विशेष सुशील विधाणी
खंडवा में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई अब कानून से ज़्यादा एक औपचारिक रस्म बनती जा रही है। हर बार कुछ पेटियां, कुछ चेहरे और बड़ी-बड़ी बातें—पर न नशा रुकता है, न तस्करी का तंत्र टूटता है।


खंडवा जिले में शराब तस्करी के नए-नए तरीके रोज़ खबरों में आते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि ब्रांडेड शराब आज भी आसानी से उपलब्ध है। कबाब और शराब की खुलेआम बिक्री ने शहर को बदनाम कर रखा है, और पुलिस की कार्रवाई अक्सर “पकड़-धकड़” तक सीमित रह जाती है। इसी कड़ी में मोघट रोड पुलिस ने कार से अवैध ब्रांडेड शराब ले जा रहे तीन आरोपियों को पकड़ा—दो कार में और एक आगे-आगे बाइक से रैकी करता हुआ।
टीआई धीरेश धारवाल के अनुसार मुखबिर की सूचना पर एसआई जितेंद्र तिवारी व टीम ने सुरगांव-निपानी रोड पर घेराबंदी कर सफेद स्विफ्ट डिजायर कार और पल्सर बाइक को रोका। तलाशी में कार की डिक्की से 18 पेटियों में भरी अवैध शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम आकाश पिता गुलाब राय पंजाबी, भानुप्रताप पिता जगतराम गंगवानी और कौशल पिता धरमदास नतानी, तीनों निवासी सिंधी कॉलोनी, खंडवा बताया।
बरामद शराब में 45 लीटर देशी प्लेन के साथ 115 लीटर अंग्रेजी शराब शामिल है, जिसमें 8 पीएम स्पेशल, सिग्नेचर, ब्लेंडर्स प्राइड/बेगपाइपर, ओल्ड मंक रम और रॉयल स्टैग जैसे ब्रांड पाए गए। जब्त शराब का बाजार मूल्य करीब 1 लाख 41 हजार 906 रुपये बताया गया। नियमानुसार सैंपल लेकर शेष शराब सील कर जब्त की गई।
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार (करीब 3 लाख रुपये) और निगरानी में इस्तेमाल की जा रही पल्सर मोटरसाइकिल (करीब 1 लाख रुपये) भी जब्त की। तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
चर्चा न्यूज़ विशेष – चर्चा खत्म करने वाली तीखी टिप्पणी
सवाल साफ है—जब शराब खुलेआम मिल रही है, तो यह तस्करी किसके संरक्षण में फल-फूल रही है? हर बार छोटे मोहरे पकड़े जाते हैं, बड़ी सप्लाई चेन पर कोई हाथ नहीं डालता। डेढ़ लाख की जब्ती से वाहवाही बटोर ली जाती है, लेकिन असली नेटवर्क सुरक्षित रहता है—और फिर अगली खबर तक, चर्चा यहीं खत्म कर दी जाती है।
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