“1.50 करोड़ पोषण उगाने की योजना, विभाग पोषित होता दिखा
500 मॉडल आंगनबाड़ियों में नहीं बनी पोषण वाटिका,”
चर्चा न्यूज़ – सुशील विधाणी
खंडवा ज़िले में महिला एवं बाल विकास विभाग की 1.50 करोड़ रुपये की पोषण वाटिका योजना इन दिनों ज़िलेभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। उद्देश्य था—
500 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में सब्ज़ियाँ उगाकर बच्चों को ताज़ा और पौष्टिक आहार देना,
लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नज़र आ रही है।
1.50 करोड़ की पोषण वाटिका: फोटो में हरियाली, ज़मीन पर खालीपन

खंडवा ज़िले में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए स्वीकृत 1.50 करोड़ रुपये की पोषण वाटिका योजना काग़ज़ों में पूरी होती दिख रही है, लेकिन ज़मीन पर इसका असर नज़र नहीं आ रहा l
500 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को ताज़ी सब्ज़ियाँ और संतुलित आहार देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में
राशि जारी हुई,
निर्देश जारी हुए,
और फाइलों में काम भी “प्रगति पर” दर्ज हो गया।
हकीकत यह है कि
कई केंद्रों में
• सिर्फ़ ईंटों की क्यारी बनाकर औपचारिकता निभाई गई
• शासन के पीडीएफ निर्देशों में तय दूरी, गहराई और संरचना का पालन नहीं हुआ
• दो–चार फोटो अपलोड कर कार्य पूर्ण होने का संदेश दे दिया गया

योजना की शुरुआत ही अंत बनती दिखाई दे रही है।
मामले में कलेक्टर द्वारा 15 दिन में कार्य क्रम में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं,
लेकिन जानकारों का मानना है कि
यदि तकनीकी और वित्तीय जांच हुई,
तो
अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा झोलझाल सामने आ सकता है।
गौरतलब है कि
खंडवा महिला एवं बाल विकास अधिकारी
पूर्व में भी
विभिन्न मामलों में
अनियमितताओं के घेरे में रह चुकी हैं।
यहाँ पदस्थापना के बाद भी
योजनाओं को ज़मीन पर उतारने की बजाय
केवल “कार्य संपन्न” दिखाने की प्रवृत्ति सवालों के घेरे में है।
अब बड़ा सवाल—
क्या 15 दिन में सचमुच आंगनवाड़ियों में हरियाली दिखेगी,
या
यह योजना भी
फोटो और फाइलों में पूरी होकर, ज़मीन पर अधूरी रह जाएगी?

जिन आंगनबाड़ियों में पोषण उगना था,
वहाँ
* क्यारियाँ अधूरी हैं
* मिट्टी खाली है
* पौधारोपण नाममात्र या शून्य है
साथी इसी प्रकार और भी अन्य योजनाएं हैं जिनका आपके समक्ष उजागर होना अभी बाकी है















