ज्योति इंडस्ट्रीज का लाइसेंस ठप — ‘क्वालिटी’ का बहाना बनकर चली बड़ी काटछांट!
(चर्चा न्यूज़ सुशील विधाणी)
खंडवा जिले में आज सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि आखिर मंडी में नियमों से ताकतवर कौन — नियम, व्यापारी या बहाने?
और इसी बहस के बीच एक पुरानी पहचान वाली फर्म — ज्योति इंडस्ट्रीज सुर्खियों में आ गई, वो भी किसी उपलब्धि से नहीं बल्कि लाइसेंस निलंबन से।
मंडी सचिव ओ.पी. खेड़े ने बताया कि कपास खरीदी के दौरान फर्म ने ऐसा कारनामा किया कि नियमों ने मजबूर होकर कहा — अब बस!
मामला ये है कि टाकलीकला के किसान भगवान पटेल से खरीदी गई कपास में फर्म ने अपनी खुद की बनाई “क्वालिटी लैब” के मुताबिक 4.14 क्विंटल कपास में कमी निकाल दी — शायद कपास ने रोज़ाना दही नहीं खाया होगा?
और फिर?
कपास के भाव मनमर्जी से कम
भुगतान पत्रक जारी नहीं
किसान की जेब हल्की और नियम हवा में!
जब मामला अख़बारों में आया तो मंडी प्रशासन की नींद खुली — और जांच शुरू हुई।
कारण बताओ नोटिस गया, जवाब आया — और वो भी “मनमाना” स्टाइल में।
नतीजा –
ज्योति इंडस्ट्रीज का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित।
अब जिले में चर्चा ये भी है —
क्या ये सिर्फ कार्रवाई है…
या आने वाले दिनों की नज़ीर?
किसान पूछ रहे हैं —
“हमारी फसल की क्वालिटी टेस्ट होगी या कुछ लोगों की नियत की?”
खैर…
चर्चा जारी है —
मंडी में नियम मजबूत होंगे या जुगाड़?
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