देश में नंबर–1: जल संरक्षण में खंडवा की विजयी दहाड़
“जहाँ बाकी बोलते रह गए… वहाँ खंडवा ने कर दिखाया!”
देश में चर्चा न्यूज़ — मैनेजमेंट के मास्टर IAS ऋषव गुप्ता
(चर्चा न्यूज़ सुशील विधाणी)
खंडवा ने एक बार फिर साबित कर दिया—
सिस्टम वही चलता है, जहाँ नेतृत्व सोच नहीं, परिणाम देता है।
जल संरक्षण में “जल संचय–जनभागीदारी” मॉडल के साथ खंडवा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया और अब देशभर में चर्चा का केंद्र बन चुका है।
सम्मान — महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
पुरस्कार — 2 करोड़ रुपये
मंच — विज्ञान भवन, नई दिल्ली
इस उपलब्धि के पीछे I.A.S. ऋषव गुप्ता और CEO डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा की वो कार्यशैली है, जहाँ
“फ़ाइल नहीं चलती—काम चलता है।”
कावेश्वर पंचायत — छोटा गाँव, राष्ट्रीय सम्मान
राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान और 1.50 लाख का पुरस्कार।
अब कावेश्वर सिर्फ पंचायत नहीं,
भारत के लिए प्रेरणा है।
अब लोगों की जुबान पर सिर्फ एक लाइन—
“ये खंडवा है साहब…
यहाँ बातें नहीं—नज़ीरें बनती हैं!”
खबर खत्म नहीं,
खंडवा की कहानी बस शुरू हुई है।
✍️ (स्पेशल अपडेट — चर्चा न्यूज़ पोर्टल)
















