बटालियन की खुशखबरी हवा में, कांग्रेस रोए—भाजपा मुस्कुराए
प्रभारी मंत्री बोले: विकास चलता रहेगा, विरोध सिर पटकता रहेगा

खंडवा | चर्चा न्यूज़ – सुशील विधाणी
खंडवा में जिला योजना समिति की बैठक कम और राजनीतिक बयानबाज़ी का मंच ज़्यादा साबित हुई। बैठक के बाद मीडिया के सामने आए जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने जहां विकास की फाइलें खोलीं, वहीं कांग्रेस पर व्यंग्य के तीर भी पूरी धार से छोड़े।
मंत्री लोधी ने मुस्कुराते हुए बताया कि खंडवा में बटालियन निरीक्षण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव “सकारात्मक सोच” में हैं। मतलब साफ है—अभी आदेश नहीं, लेकिन उम्मीद ज़िंदा है। मंत्री के शब्दों में, “जल्द ही खुशखबरी मिलेगी”, यानी इंतज़ार जारी रहेगा और चर्चाएं भी।
योजना समिति की बैठक: योजनाएं टेबल पर, बयान सुर्खियों में
बैठक में सड़कों, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य की फाइलें सामने रहीं। अधिकारियों ने प्रगति बताई, जनप्रतिनिधियों ने सहमति जताई और मीडिया ने राजनीतिक मसाला नोट किया।
भाजपा के दो साल: विकास दौड़ में, विपक्ष भाषण में
मंत्री लोधी ने मुख्यमंत्री के दो वर्षों के कार्यकाल को विकास का स्वर्णकाल बताया।
लाड़ली बहना योजना से बहनें खुश हैं, किसान योजनाओं से खेत मुस्कुरा रहे हैं और सरकारी आंकड़ों में हर क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस पर वार करते
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान पर मंत्री लोधी ने सीधा वार करते हुए कहा—
“कांग्रेस के रोने पर हंसी आती है।”
मतलब साफ—भाजपा विकास कर रही है और कांग्रेस विपक्ष में रहकर सिर पटकने की कला को निखार रही है।
मंत्री ने तंज कसते हुए यह भी जोड़ दिया कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए वादों की खेती करती रही और अब उसी खेत में विरोध की फसल उगा रही है।
राष्ट्र-धर्म पर राजनीति का तड़का
मंत्री ने कांग्रेस पर यह आरोप भी जड़ दिया कि जब देश और धर्म की बात आती है तो कांग्रेस अक्सर असहज हो जाती है। बयान में व्यंग्य कम और संदेश ज़्यादा था—राजनीति के इस दौर में हर मुद्दा चुनावी तराजू पर तौला जाएगा।

खंडवा का भविष्य: प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, भरोसा दिया जा रहा है
मंत्री ने दावा किया कि खंडवा में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है और आने वाले समय में जिले का चेहरा बदलेगा। कब और कैसे—यह विवरण भविष्य के पन्नों में दर्ज होगा।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई जवाब नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि राजनीतिक जुबानी जंग में खंडवा एक बार फिर केंद्र में है—जहां फाइलें चलती हैं और बयान दौड़ते हैं।
— चर्चा न्यूज़ | खंडवा















