(चर्चा न्यूज़ सुशील विधाणी),
समाज सवाल पूछ रहा है, कानून कड़े हो रहे हैं, लेकिन घटनाएँ रुक नहीं रहीं।
हम जाग जाते हैं, पर हमेशा तब… जब कोई बेटी फिर धोखे, डर और डिजिटल ब्लैकमेल की शिकार बन जाती है।
खंडवा, मध्य प्रदेश—
जिले के ग्राम बलवाड़ा में एक बार फिर लव जिहाद का झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में बहस और चिंता दोनों को फिर से तेज कर दिया है। एक हिंदू युवती को नकली पहचान, झूठे प्रेम संबंध और ब्लैकमेल की साज़िश में फंसाकर शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक मेहरबान मुनीर ने अपना नाम बदलकर उससे दोस्ती की और धीरे-धीरे विश्वास हासिल किया। भरोसा बन जाने के बाद आरोपी ने उसे अपने घर बुलाया, जहां उसने छिपकर आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसी वीडियो की धमकी देकर लगातार शारीरिक शोषण करता रहा।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे अपराध में आरोपी की पत्नी शबनम भी शामिल थी। दोनों मिलकर युवती पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते रहे। विरोध करने पर पीड़िता को मारा-पीटा गया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
जब आरोपी ने सच में वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, तब युवती ने हिम्मत जुटाई और परिवार की मदद से पिपलोद थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने बताया कि आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, धमकी, आईटी एक्ट और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया गया है। वीडियो और मोबाइल फ़ोन्स की तकनीकी जांच जारी है।
समाज के सामने फिर वही सवाल:
* कब तक बदलते नाम और नकली पहचान युवतियों का भविष्य लूटती रहेंगी?
* क्या प्यार और जाल में फर्क बताने की जरूरत अब शिक्षा का हिस्सा बननी चाहिए?
* और सबसे बड़ा सवाल —
क्या कानून से पहले समाज जागेगा या फिर हर केस के बाद सिर्फ नारे बदलेंगे?
* खंडवा — मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार, लेकिन बहस जारी… क्या अब वाकई लव जिहाद पर काबू होगा? या अगली खबर का इंतज़ार ? चल रही चर्चा















